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TRAI- MOBILE NUMBER PORTABILITY 2019 NEW RULE

TRAI- MOBILE NUMBER PORTABILITY 2019 NEW RULE

TRAI- MOBILE NUMBER PORTABILITY (MNP) NEW RULE 2019


मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी का मतलब है किसी भी एक मोबाइल ऑपरेटर से किसी दुसरे मोबाइल ऑपरेटर में स्विच करना या पोर्ट करना उसके बाद जो आपका पुराना नंबर नए में भी वही रहेगा।  

यहाँ पर कुछ नियम है जो चेंज हो गए है। TRAI  ने नया नियम निकला है, ये 13 दिसम्बर 2018 को सार्वजनिक पोस्ट किया है और जब भी TRAI सार्वजनिक कुछ पोस्ट करती है उससे 180 दिनों (छः महीनो ) के अन्दर उस चीज को लागु  करना पड़ता है, अगर 13 दिसम्बर 2018 से छः महिना गिने तो होता है 11 जून 2019 मतलब 11 जून 2019 तक सारे ऑपरेटर को इस नियम का पालन करना है । 11 जून के बाद इसे लागु करना है। छः महीने का टाइम सभी को दिया गया है अपना आधारिक संरचना अपना सॉफ्टवेर चेंज करने के लिए या उसे अपडेट करने के लिए।

मोबाइल नंबर पोर्टेब्लिटी में तीन लोगो का भागीदारी होती है :-
पहला आपका करंट ऑपरेटर जिसे डोनर ऑपरेटर जो आपको डोनेट कर रहा है दुसरे ऑपरेटर में तो जब भी आपको नंबर पोर्ट करना है तो आपके वर्तमान नंबर से आपको एक मेसेज भेजना पड़ता है।

TRAI- MOBILE NUMBER PORTABILITY 2019 NEW RULE
PORT<SPACE>1234XXXX89 आपका वही मोबाइल नंबर जिससे आप मेसेज में नंबर भेज रहे है उसको आपको भेजना है 1900 पे जैसे आप भेजेंगे वैसे ही आपको UPC  कोड मिलता है इसे बोला जाता है यूनिक पोर्टिंग कोड। जो अभी 15 दिनों तक वैध रहता है| मगर नए नियम के अनुसार ये केवल 4  दिन के लिए वैध है, ये जो पोर्टिंग  कोड है ये जब भी मिलेगा आपके डोनर ऑपरेटर से आपको ले कर जाना है जिस भी ऑपरेटर में बदलना है, वहां पर जाकर फॉर्म भरना है और वो UPC कोड भी अब इस ऑपरेटर से उस ऑपरेटर में आपका नंबर कन्वर्ट हो जायेगा |
अब प्रोसेस समझते है होता क्या है? जैसे ही आप पोर्टिंग  कोड जेनरेट करते है तो सबसे पहले आपका ऑपरेटर तीन चीजे को वो मिलाता है तीन चीजे वेरीफाई करता करता है , सबसे पहले आपने जब भी पोर्टिंग कराई हो उस से 90 दिन के भीतर आप वापस से पोर्टिंग नहीं करा सकते ! एक
लॉकिंग पीरियड है 90 दिनों का वो पहले भी था और वो अब भी है अगर आप आज एक पोर्टिंग करते हो तो 90 दिनों तक वापस से पोर्ट नहीं करा सकते किसी ऑपरेटर में इसकी चेकिंग होती है उसके बाद जो दूसरी प्रक्रिया ये होती है की जो भी आपकी पोर्टिंग कोड है उसकी पहले से क्या प्रोसेस्सिंग चल रही है क्या वो पहले से यूज़ हो चूका है? उसके बाद क्या उसकी समय सीमा समाप्त हो गयी है या वो अभी तक वैध है | अगर वैध है तो वो वापस से आपको मिल जायेगा। ये सारी चीजे वेरीफाई करने के बाद आपका जो मोबाइल ऑपरेटर है उसको भेजता है मोबाइल पोर्टबिलिटी सर्विस प्रोवाइडर के पास जिसके पास सभी अधिकार है, ये बीच का मीडिएटर डोनर ऑपरेटर है और जहाँ आप जा रहे हो नए ऑपरेटर के पास तो वो सारी प्रोसेस की जाती है बीच में इसके बाद वो सारी चीजे वेरीफाई करता है की जो आपको पोर्टिंग कोड भेजा है जो आपने रिक्वेस्ट किया है नए ऑपरेटर को वो मिलना चाहिए की वो आपके नंबर पर जनरेट हुआ है, ऐसा नहीं की आपका पुराना ऑपरेटर गलत तरीके से जनरेट कर के फॉर्म भर दिया सारी चीजे मैच करने के बाद वो अप्प्रोवेल  मिलता है मैन ऑपरेटर को जहाँ पर आप जा रहे हो इन सब के बीच में बहुत सारी चीजे प्रोसेस होती थी | जिसमे पहले 7 दिन लगते थे अब ये सारी प्रोसेस 2 दिन में हो जायेगी जैसे ही आप पोर्टिंग कोड जनरेट करेंगे और नए ऑपरेटर को देंगे उसे 36 घंटे के अन्दर उसको सारी चीजे वेरीफाई करके आपकी रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट करना पड़ेगा और 2 वर्किंग डेज के अन्दर आपका नंबर पोर्ट हो जायेगा।

TRAI- MOBILE NUMBER PORTABILITY 2019 NEW RULE
अब इसमें कुछ दिक्कत ये है की कुछ स्टेट में ये नियम फॉलो नहीं होगा :- आसाम,जम्मू कश्मीर, और नार्थ ईस्ट में नहीं होगा यहाँ पर पुरानी नियम चलने वाली है 15 दिन की वैलिडिटी मिलेगी और 7 दिन में सारी प्रोसेस पूरी होगी | बाकि जगहों में प्रोसेसिंग 2 दिनों में पूरी होगी अगर आप एक ही राज्य में पोर्टिंग कराते हो तो 2 दिन के वर्किंग डेज में पूरा हो जायेगा | अगर आप एक राज्य से दुसरे राज्य में पोर्टिंग करवाते है तो ये प्रोसेस में कम से कम 4 दिनों में पूरा होगा |
इसके अलावा बहुत सी और चीजे TRAI ने बताये है जैसे की मै पोर्ट करवा रहा हूँ मेरा प्रीपेड नंबर है मगर बैलेंस बहुत है क्या मै पोर्टिंग करवा रहा हूँ तो मुझे रिफंड मिलेगा इस पर बहुत सारा बहस करने के बाद ये निर्णय लिया गया की पोर्टिंग  करने के पहले आपको सारा बेलेंस ख़त्म करना पड़ेगा नहीं तो बैलेंस ख़त्म हो जायेगा। यहाँ एक और नियम ये है की आपका वर्तमान मोबाइल ऑपरेटर आपकी रिक्वेस्ट को रिजेक्ट नहीं कर सकता है | अगर रिजेक्ट करता है तो उसे वैलिड रिजन देना पड़ेगा बिना रिजन के रिजेक्ट करता है तो 10000 हजार का फाइन लगेगा |
यह 13 दिसम्बर को सार्वजानिक पोस्ट हुआ है जो 11 जून 2019 के बाद लागु होगा तब तक सभी ऑपरेटर को अपना सर्वर चेंज और सॉफ्टवेर चेंज करना पड़ेगा जिनमे बहुत सारी चीजे की जाती है, ताकि 2 दिनों के अन्दर मोबाइल पोर्टिंग हो जाये | मगर आज की बात करे तो ये अभी सिर्फ सार्वजानिक पोस्ट हुई है अभी जो है वही पुराने नियम ही लागु है |



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